पीलेपन से शुरू होकर आपके दांत अकसर कैविटी (कीड़ा लगना), पाइरिया (मसूड़ों से खून आना), मुंह से बदबू और दांतों में ठंडा-गर्म लगने जैसी बीमारियां हो जाती हैं। इन बीमारियों से दांतों की देखभाल और बचाव अगर समय रहते न किया जाए तो आपके चेहरे की खूबसूरती के साथ-साथ मुंह का जायका भी गायब हो जाता है। दांतों के बिना जिंदगी कितनी मुश्किल हो सकती है, यह केवल वही जान सकता है जो यह समस्या झेली हो। सब से बड़ी दिक्कत यह है कि भारत में ज्यादातर लोग दांतों की देखभाल को गंभीरता से नहीं लेते। अगर शुरू में ही समय पर ध्यान दिया जाए और कुछ एहतियात बरती जाए तो दांतों की बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है।
मौजूदा लाइफ स्टाइल दांतों की बीमारियों को न्योता
मौजूदा दौर में दुनिया भर में करीब 90 फीसदी लोग दांतों से जुड़ी किसी न किसी बीमारी से त्रस्त हैं। और जब खाना ही मुश्किल हो जाए या कोई आपको मुंह या मसूड़ों की बदबू के कारण सरेआम टोक दे तो आप डेंटिस्ट के पास हो लेते हैं। हालांकि, थोड़ी सी एहतियात और कुछ परहेज आपको दांतों की बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकते हैं। वर्तमान शहरी लाइफ स्टाइल, देर रात तक पार्टी, धूम्रपान, शराब और चिकनाई युक्त भोजन और उसके बाद दांतों को ब्रश न करने से दांतों की सेहत बिगड़ रही है।
बचपन, जवानी या बुढ़ापा दांतों की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। हालांकि, बचपन में चॉकलेट, टॉफीया ज्यादा मीठा खाने वाले बच्चों और युवाओं के दांत खराब होने का ज्यादा खतरा रहता है। वहीं, 35 वर्ष की उम्र के बाद दांत और मसूड़ों की बीमारी आम है। इससे बचने के लिए दांतों की देखभाल की जानकारी होनी चाहिए। प्रोटीन और विटामिन युक्त भोजन करने से दांत, मसूड़ों की बीमारी कम होती है। शरीर में प्रोटीन की कमी से दांत, मसूड़ों की बीमारी से होने का खतरा ज्यादा रहता है।
दांतों की बीमारियां - Danto ki bimari – Teeth problems hindi
- अगर मसूड़ों से रोजाना ब्रश करते हुए या खाना खाने के बाद खून बहे तो यह पाइरिया हो सकता है। इस बीमारी में मसूड़े सडऩे और पीले पडऩे लगते हैं। दांतों की ठीक ढंग से सफाई न करना पाइरिया का प्रमुख कारण है।
- मसूड़ों से खून आना दांतों की सबसे आम बीमारी है। दांतों की उचित सफाई न होने से दांत पर पत्थर (टारटर) जम जाता है। इससे मसूड़ों में सूजन आ जाती है और वे लाल हो जाते हैं। ऐसे मसूड़ों को ब्रश करने से या छूने भर से ही खून आने लगता है।
- ज्यादा मीठा, चॉकलेट, टॉफी या मिठाई आदि खाने और फिर दांतों की उचित देखभाल और ब्रश आदि न करने से दांतों में कैविटी हो जाती है। दांतों में कैविटी होने पर डेंटिस्ट के पास जाकर फिलिंग, स्केलिंग या आरसीटी तक कराने पर हजारों रुपये फूंकने पड़ते हैं।
- मसूड़ों में बीमारियां लगने से दांत कमजोर होते हैं। इसके चलते दांतों में ठंडा या गर्म कुछ भी खाने पर उन में दर्द होना शुरू हो जाता है। कई बार तो मुंह खोलने पर हवा भी दांतों में दर्द करती है। इस बीमारी को हल्के में न लें।

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