Tuesday, 19 July 2016

दांतों की बीमारियां और कारण

पीलेपन से शुरू होकर आपके दांत अकसर कैविटी (कीड़ा लगना), पाइरिया (मसूड़ों से खून आना), मुंह से बदबू और दांतों में ठंडा-गर्म लगने जैसी बीमारियां हो जाती हैं। इन बीमारियों से दांतों की देखभाल और बचाव अगर समय रहते न किया जाए तो आपके चेहरे की खूबसूरती के साथ-साथ मुंह का जायका भी गायब हो जाता है। दांतों के बिना जिंदगी कितनी मुश्किल हो सकती है, यह केवल वही जान सकता है जो यह समस्या झेली हो। सब से बड़ी दिक्कत यह है कि भारत में ज्यादातर लोग दांतों की देखभाल को गंभीरता से नहीं लेते। अगर शुरू में ही समय पर ध्यान दिया जाए और कुछ एहतियात बरती जाए तो दांतों की बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है।

दांतों की बीमारियां और कारण

मौजूदा लाइफ स्टाइल दांतों की बीमारियों को न्योता

मौजूदा दौर में दुनिया भर में करीब 90 फीसदी लोग दांतों से जुड़ी किसी न किसी बीमारी से त्रस्त हैं। और जब खाना ही मुश्किल हो जाए या कोई आपको मुंह या मसूड़ों की बदबू के कारण सरेआम टोक दे तो आप डेंटिस्ट के पास हो लेते हैं। हालांकि, थोड़ी सी एहतियात और कुछ परहेज आपको दांतों की बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकते हैं। वर्तमान शहरी लाइफ स्टाइल, देर रात तक पार्टी, धूम्रपान, शराब और चिकनाई युक्त भोजन और उसके बाद दांतों को ब्रश न करने से दांतों की सेहत बिगड़ रही है।

बचपन, जवानी या बुढ़ापा दांतों की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। हालांकि, बचपन में चॉकलेट, टॉफीया ज्यादा मीठा खाने वाले बच्चों और युवाओं के दांत खराब होने का ज्यादा खतरा रहता है। वहीं, 35 वर्ष की उम्र के बाद दांत और मसूड़ों की बीमारी आम है। इससे बचने के लिए दांतों की देखभाल की जानकारी होनी चाहिए। प्रोटीन और विटामिन युक्त भोजन करने से दांत, मसूड़ों की बीमारी कम होती है। शरीर में प्रोटीन की कमी से दांत, मसूड़ों की बीमारी से होने का खतरा ज्यादा रहता है।

दांतों की बीमारियां - Danto ki bimari – Teeth problems hindi

- अगर मसूड़ों से रोजाना ब्रश करते हुए या खाना खाने के बाद खून बहे तो यह पाइरिया हो सकता है। इस बीमारी में मसूड़े सडऩे और पीले पडऩे लगते हैं। दांतों की ठीक ढंग से सफाई न करना पाइरिया का प्रमुख कारण है।
- मसूड़ों से खून आना दांतों की सबसे आम बीमारी है। दांतों की उचित सफाई न होने से दांत पर पत्थर (टारटर) जम जाता है। इससे मसूड़ों में सूजन आ जाती है और वे लाल हो जाते हैं। ऐसे मसूड़ों को ब्रश करने से या छूने भर से ही खून आने लगता है।
- ज्यादा मीठा, चॉकलेट, टॉफी या मिठाई आदि खाने और फिर दांतों की उचित देखभाल और ब्रश आदि न करने से दांतों में कैविटी हो जाती है। दांतों में कैविटी होने पर डेंटिस्ट के पास जाकर फिलिंग, स्केलिंग या आरसीटी तक कराने पर हजारों रुपये फूंकने पड़ते हैं।
- मसूड़ों में बीमारियां लगने से दांत कमजोर होते हैं। इसके चलते दांतों में ठंडा या गर्म कुछ भी खाने पर उन में दर्द होना शुरू हो जाता है। कई बार तो मुंह खोलने पर हवा भी दांतों में दर्द करती है। इस बीमारी को हल्के में न लें।

Thursday, 7 July 2016

कई बिमारियों का इलाज है गुणकारी संतरा

संतरा अन्य सभी फलों से भी भिन्न होता है क्योकि इसमें विशेष रूप से विटामिन – सी की अधिक मात्रा होती है और सबसे कम मात्रा में कैलोरी होती है और साथ ही कोई भी वसा, कोलेस्ट्रॉल या सोडियम नहीं होता! यही कारण है चाहे फल के रूप में या जूस के रूप में ये ज्यादातर लोगो का पसंदीदा फ्रूट है! संतरा खाने से अनेक लाभ होते है और यह हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है और ये हमारी त्वचा के लिए भी बहुत लाभकारी होता है!

कई बिमारियों का इलाज है गुणकारी संतरा


Orange ke fayde - Santre ke labh

  1. संतरा दांतो के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह मसूड़ों और दांतों की बीमारी को भी खत्म करता है।
  2. शहद में संतरे का रस को मिलाकर पीने से दिल के रोगी को बेहद फायदा होता है।
  3. बुखार होने पर संतरे के जूस का सेवन करने से शरीर का बढ़ा हुआ तापमान कम होता है। यह गुर्दों के रोग को भी दूर करता है।
  4. अपच, जोडों का दर्द और पेट में गैस की समस्या को दूर करने के लिए संतरे का जूस पीएं।
  5. संतरा बवासीर जैसे पीड़ादायक रोग में भी लाभ देता है जो खून को बहने से रोकता है।
  6. संतरे के नियमिन सेवन से से हड्डी और दांत के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है क्योकि इसमें विटामिन ए और कैल्शियम से भरपूर होता है।
  7. संतरा के नियमिन सेवन से कुछ हद तक ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम में भी सहायक है।
  8. संतरा में फाइबर के अच्छे स्रोत होने से ही चीनी को फ्रूटोस में बदलने से और चीनी के स्तर को नियंत्रित करके मधुमेह से पीडित व्यक्ति के लिए अच्छा पेय पदार्थ माना जाता है।
  9. उल्टियाँ आना जी मचलाना में संतरे के रस में थोड़ी सी काली मिर्च और काला नमक मिलाकर लिया जाना लाभकारी रहता है।
  10. संतरे में मौजूद पोटेशियम व फोलिक एसिड, कैल्शियम और कोलेस्ट्रॉल के स्तर तथा उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखता है।
  11. संतरा हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के मात्रा को कंट्रोल या कम करने में सहायक होता है! इसमें फाइबर पाया जाता है जो ज्यादा कोलेस्ट्रॉल को सोख्ता है।
  12. संतरा हाई ब्लड प्रेशर -उच्च रक्त चाप (High-BP) के रोगियों के लिए भी अद्भुत काम करता है! इसमें पाया जाने वाला पोटाशियम और मैग्नीशियम शरीर के उच्च रक्त चाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
  13. संतरे में पाया जाने वाला फाइबर, विटामिन-सी चेहरे के बहुत अच्छा माना जाता है! न केवल ये झुर्रियों को रोकने में मदद करता है पर साथ ही आपकी त्वचा को ख़राब होने से बचाता है।
  14. विटामिन-सी, फाइबर और इसमें पाया जाने वाला पोटाशियम हमारे ह्रदय/दिल के बहुत लाभकारी होता है। ये सभी हमारे दिल को सुचारु से काम करने में सहायता करते हैं।
  15. संतरा एक ऐसा फल है जिसमे वसा (Fat) बहुत कम मात्रा में होता है जिससे इसका सेवन मोटापा या वसा को नहीं बढ़ने देता।