भाग दौड़ भरी इस जिंदगी में सिरदर्द एक आम बीमारी बन गई है। नौकरीपेशा लोग, महिलाएं, बुजुर्ग, बॉस या कर्मचारी, सभी सिरदर्द से परेशान रहते हैं। हालांकि, सिर जब दर्द से फटने को होता है, इसके लिए एक नया शब्द ही प्रचलन में आ गया है, माइग्रेन। कई लोग कहते हैं कि वे माइग्रेन से बहुत परेशान हैं। माइग्रेन यानि सिरदर्द जब असहनीय हो जाए।
माइग्रेन के लक्षण और कारण - Migraine Symptoms in Hindi
माइग्रेन (Migraine) में सिरदर्द के साथ चक्कहर, उल्टी और थकान की महससू होती है। माइग्रेन की दर्द अमूमन आधे सिर में होता है। सिर दर्द आधे हिस्से से शुरू होकर पूरे सिर को अपनी जकड़ में ले लेता है। यह दर्द लगभग असहनीय होता है। पेट में गैस होने से भी यह सिर दर्द शुरू होता है। या कहें, माइग्रेन का दर्द होने पर पेट में गैस बनकर तबीयत और ज्यादा बिगड़ती है।
माइग्रेन के कारण - Migraine ke Karan in Hindi
भूखे रहने से : भूखे रहना माइग्रेन की इस दर्द का एक मुख्य कारण है। भूखे रहने से पेट में गैस बनती है। इस कारण सिर दर्द शुरू होता है जो धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। जानकारों का कहना है कि सम्यक आहार यानि न कम न ज्यादा, सिर दर्द को दूर रखने में कारगर है।
शोर-शराबे में : शादी-समारोह हो या कोई अन्य फंक्शन, शोर-शराबे से भरा माहौल सिर दर्द या माइग्रेन पीडि़तों के लिए नुकसानदायक है। ऐसे लोगों को समारोहों में बजने वाले कानफोड़ू संगीत और शोर-शराबे से बचना चाहिए।
तनाव से (Tension) : आजकल हर जगह चाहे सरकारी दफ्तर हो या प्राइवेट, काम का दबाव है। और काम के दबाव से होने वाला तनाव भी सिर दर्द को बुलावा है। काम तो हर किसी को करना है लेकिन दबाव से खुद को बचाकर रखना बहुत जरूरी है। वरना यह माइग्रेन बहुत तकलीफदेय साबित होगा।
अनुवांशिक : कई बार देखा गया है कि माइग्रेन (Migraine) से पीडि़त माता-पिता से यह जानलेवा दर्द बतौर अनुवांशिकी बच्चों में चला जाता है। इसमें कोई ज्यादा कुछ नहीं कर सकता है, लेकिन ऊपर लिखित कारणों से बचकर माइग्रेन के दर्द से खुद को कुछ दूर तो रखा ही जा सकता है।
सफर करने से : अकसर माइग्रेन (Migraine) ग्रस्त लोगों के लिए सफर करना बहुत मुश्किल कार्य होता है। लंबे सफर के दौरान तो इनकी हालत पतली हो जाती है। ऐसे में लंबे सफर से बचें लेकिन ऐसा संभव नहीं। तो जब भी ऐसे सफर निकलें, सिर दर्द की दवाइयां और खाने-पीने का खास ख्याल रखें।

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